
साहब AC मे कर रहे आराम, ग्रामीण गर्मी से परेशान
सरीला -: बीते तीन माह से ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ता बिजली की अघोषित कटौती से खासे परेशान हैं। भीषण गर्मी और उमस से झुलस रहे बिजली उपभोक्ताओं को शासन द्वारा जारी किए गए निर्देश के मुताबिक बिजली नहीं मिल पा रही है। इसके चलते लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इस समय पड़ रही बदन को झुलसाने वाली उमस व गर्मी जहां लोगों के लिए मुसीबत बनी हुई है, वहीं बिजली की कटौती से लोग त्रस्त हैं। उप्र पावर कारपोरेशन तथा प्रदेश की योगी सरकार ने ग्रामीण क्षेत्र को 18 घंटे बिजली आपूर्ति का रोस्टर जारी किया हुआ है, लेकिन लोगों को 10 घंटे भी बिजली नहीं मिल पा रही है। बिजली की अघोषित कटौती से ग्रामीणों की पेयजल व्यवस्था चरमरा गई है। हरसुंडी, रिरुवा, पचखुरा, टाई, रहटिया, मशीदन, जलालपुर, भेड़ी, कदौरा सहित आदि स्थानों पर बिजली कटौती से लोग परेशान हैं।
विद्युत कटौती का कोई समय निर्धारित नहीं है, बिजली कब आती है और कब चली जाए इसका भरोसा नहीं है। लोगों ने कई बार मांग की है कि विद्युत कटौती का समय निर्धारित किया जाए, लेकिन आज तक इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया जिससे लोगों में भारी रोष व्याप्त है। विद्युत कटौती के चलते जनमानस कराह उठा है। बिजली की अव्यवस्था से सबसे ज्यादा बुजुर्ग और बच्चे परेशान हैं, उनकी रात की नींद हराम है। बिजली की कटौती को लेकर जिला प्रशासन और विद्युत विभाग के उच्चाधिकारियों की अनदेखी चिंता का बिषय है। क्योंकि बिजली की किल्लत के साथ-साथ पीने के पानी की भी समस्या उत्पन्न हो जाती है और लोगों को पीने के पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। विद्युत उपभोक्ताओं ने मांग की है कि शीघ्र ही बिजली कटौती का समय निर्धारित किया जाए जिससे लोगों को इस परेशानी से छुटकारा मिल सके।
एसडीओ सरीला ने बताया की जिलाधिकारी के आदेश अनुसार विधुत सप्लाई की जा रही है । फसलों मे बिजली से उठ रही चिगारी से आग लग जाने के कारण दोपहर मे कटौती के जिलाधिकारी ने आदेशित दिया था। जबकि हरसुंडी गांव निवासी उत्तम, मोहर सिंह, सुनील, हरिओम, अश्वनी, अजयपाल, परसराम, आदि ने बताया की इस समय ग्रामीण क्षेत्रो मे फसल की कटाई बुनाई हों चुकी है उपरांत इसके एसडीओ और जेई के मनमानी के चलते ग्रामीण क्षेत्रो मे आठ से दास घंटे की विधुत आपूर्ति हों रही है।





